मौका सिर्फ 3 महीने में शकरकंद की फसल से किसानों की किस्मत चमकाने वाली है! कमाई लाखों में, जानें एक्सपर्ट की राय-Jaswant Singh

सिर्फ 3 महीने में तैयार होने वाली शकरकंद की फसल से किसानों भाइयों की किस्मत बदल सकती है! जानें कैसे करनी है यह फसल, और क्या-क्या लगती है इसकी खेती करने के लिए जानें एक्सपर्ट्स की राय और कमाएं लाखों रुपये से भी ज्यादा, पूरा प्लान के साथ।

भारत एक कृषि प्रधान देश है। जहां पर अधिकांश लोगों का जीवन जीने का जरिया कृषि है। तथा अब भारत में खेती सिर्फ गुज़ारा चलाने का ज़रिया नहीं रही, बल्कि सही फसल का चुनाव कर किसान लाखों रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। खेती के क्षेत्र में कई ऐसी फसलें हैं, जिनकी कम समय में अच्छी पैदावार होती है और बाज़ार में इनकी कीमत भी बढ़िया मिलती है। ऐसी ही एक फसल है जो सिर्फ 3 महीने में किसानों को लखपति बना सकती है। हॉल ही में कृषि अधिकारी भगवती प्रसाद ने कहा कि यह समय बहुत ही ज्यादा अच्छा शकरकंद की खेती के लिये। इस समय किसान  मीठा आलू की खेती करके बहुत ही अच्छा पैसा कामा सकते है। और  कंद की नर्सरी तैयार करने में लगभग 45 से 60 दिनों का समय लगता है फिर इसके बाद पौधे की रोपाई करने के ठीक 90 से 100 दिनों मे किसान खुदाई कर सकते हैं।

शकरकंद, Sweet Potato

इस समय अधिकांश किसान भाई आलू की खेती ज्यादा करते है। जबकि अगर किसान भाई मीठा आलू की खेती करेंगे तो बहुत ज्यादा फायदा होगी और किसान को आय का भी स्रोत मिल जाएगी लेकिन किसान भाई धीरे धीरे रतालु की खेती को भुल रहे हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि यह समय मीठा आलू की बुवाई का सबसे अच्छा समय चल रहा है। तथा जो किसान भाई Sweet Potato की खेती करते है ओ अक्टूबर के महीने मे मीठा आलू की बुवाई कर देते है क्योंकि यह समय शकरकंद की खेती के लिए अतिउत्तम हैं क्योंकि यह फसल मात्र 90 दिनों में ही तैयार हो जाती है। इसकी बुवाई करने के ठीक 90 दिनों के बाद किसान भाई इसकी खुदाई करके बाजारों मे अच्छे दामों मे बिक्री करके एक अच्छा पैसा कमा सकते है। और मीठा आलू की एक बड़ी बात यह है कि यह बाजारों मे पहुंचते ही धमाल मचा देती है। तथा इस फसल की कीमत बाजारों में 50 से 60 प्रति किलो के भाव से बिकती है।

क्यों खास है शकरकंद की खेती?

शकरकंद, Sweet Potato,क्यों खास है शकरकंद की खेती?​
  • मीठा आलू एक ऐसी फसल है जो बहुत ही कम लागत में तैयार हो जाती है।
  • इसे ज्यादा खाद-पानी या महंगे कीटनाशकों की ज़रूरत नहीं पड़ती है।
  •  इसकी मांग बाजार में पूरे साल बनी रहती है, इसलिए किसान भाइयों को फसल बिकने की चिंता भी नहीं करनी होती है।
  •  यह फसल कम समय में ज्यादा पैदावार देती है — यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।

फसल को तैयार करने लग समय, तैयारी और कमाई

मीठा आलू खेती की बुवाई करने के लिए सबसे अच्छी मिट्टी बलूई दोमट मिट्टी वाली खेत होती हैं क्योंकि इस फसल की खेती के लिए अतिउत्तम समय ठंडी के मौसम ही होती हैं। इस फसल के लिए तापमान कम से कम 20-21टेम्प्रेचर होना चाहिए। इसलिए किसान भाई इस फसल को गंगा के तराई क्षेत्र मे  कंद की खेती करना पसंद करते है क्योंकि बलूई मिट्टी मे फसल तैयार करने के लिए पानी की आवश्यकता कम पढ़ती है। और कम मेहनत मे यह फसल बहुत ही अच्छा तैयार भी हो जाती है।

जिस भी किसान भाई को शकरकंद की बुवाई करनी है उनको सबसे पहले पहले खेत की अच्छे से जुताई कर ले, ताकि खेत की मिट्टी भूभुरी हो जाये। इसके बाद खेत मे गोबर की खाद का जरूर छिड़काव करें क्योंकि गोबर की खाद को इस्तेमाल करने से फसल की पैदावार अधिक होती है। जिस भी किसान भाई को रतालू की खेती करनी है तो सबसे पहले इसकी नर्सरी तैयार करना अतिआवश्यक होता है। नर्सरी तैयार करने में किसान भाई को लगभग 45 से 60 दिनों का समय लग सकता है। इसके बाद किसान भाई को शकरकंद के पौधे की रोपाई करने के लिए किसान भाई को खेत में मेड बनाकर ही रोपाई करनी होती हैं, ताकि खेती अच्छी हो। पौधे की रोपाई करने के ठीक 90 से 100 दिनों में किसान भाई शकरकंद की खुदाई कर सकते हैं। मीठा आलू  की खेती करने के लिए एक एकड़ जमीन में कम से कम 17-18 हजार की लागत का खर्च आता है। फिर किसान भाई एक एकड़ की शकरकंद खेती करके लाखों का मुनाफा कमा सकता है।

शकरकंद, Sweet Potato

जानें एक्सपर्ट्स की राय

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मीठा आलू की फसल में कोई बड़ा जोखिम नहीं होता।

  •  यह सूखा सहनशील फसल होती है।
  • और सिंचाई भी कम चाहिए होती है।
  • तथा कीट और रोगों का खतरा भी बहुत कम होता है।

इस वजह से यह फसल छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद विकल्प बन जाती है।

निष्कर्ष

शकरकंद की खेती किसानों के लिए कम लागत में बड़ा मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर है। इसकी फसल 3 महीने में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग साल भर रहती है। अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ मीठा आलू की खेती अपनाते हैं तो वे आसानी से लखपति बन सकते हैं।

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FAQs

Q1. शकरकंद की फसल कितने समय में तैयार होती है?

लगभग 90 से 100 दिनों में फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

हल्की दोमट और रेतीली मिट्टी में इसकी पैदावार सबसे ज्यादा होती है।

 हां, इसकी खेती अन्य नकदी फसलों की तुलना में बहुत कम लागत में हो जाती है।

एक एकड़ में किसान ₹1 से ₹1.5 लाख रुपये तक शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं।

कई राज्यों में किसानों को बीज, खाद और सिंचाई पर अनुदान और प्रशिक्षण दिया जाता है।

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